इतिहास कई चीज़ों को मिला कर बनता है | ये एक सभ्यता की कहानी होती है, उसके धर्म, उसकी सत्ता, उसके दर्शन से लेकर उसके साहित्य तक के तथ्य जोड़कर इतिहास बनता है | ऐसे में जब भारतीय इतिहास की बात होगी तो दुनियां की सबसे पुरानी जीवित सभ्यता की बात हो रही होती है | यहाँ एक मुश्किल ये होती है कि भारत में इस्तेमाल होने वाली भाषा आज की भाषाओँ से थोड़ी अलग है | दूसरी चीज़ ये है कि भारतीय इतिहास लिखने का तरीका समय को एक अलग नजरिये से देखता है |

ऐसे में गड़बड़ियाँ होना स्वाभाविक था | जब एक बार अधूरे लिखे इतिहास के आधार पर उपन्यास लिखे जाने लगे तो पहले की गलतियों को सुधारने की संभावना बहुत कम ही बची थी | फिर एक जरुरी मुद्दा था कि शासन करने के लिए शोषित वर्ग के मनोबल को टूटा हुआ रखना जरूरी होता है | ऐसे में जो एक्का दुक्का, गैर जरुरी तथ्य थे उन्हें बढ़ा चढ़ा कर ऐसे पेश किया गया जैसे वो किसी दौर की आम बात हो | किसी समाज का पूरा चरित्र हो ! यही वजह है कि भारतीय इतिहास में विरोधाभास दिखता है |

अगर भारतीय सभ्यता को देखेंगे तो इसकी परम्पराएँ काफी कम बदली हैं | ज्यादातर पुरानी व्यवस्थाओं की मदद से ही बरसों का बदलाव झेल लिया है लोगों ने | ऐसी ही प्राचीन सभ्यता का इतिहास है The Wonder That Was India जिसे A. L. Basham ने लिखा है | ये लगभग सभी विषयों पर प्रकाश डालती है | धर्म, सत्ता, सामाजिक बदलाव, साहित्य, दर्शन, भाषाओँ और उस काल के विज्ञान का भी इस किताब में समावेश किया गया है |

ये किताब हड़प्पा सभ्यता के समय से शुरू होती है | आगे चलके ये आर्यों के आगमन के सिद्धांतों पर भी चर्चा करती है | ये किताब 1950 के दशक में आई थी और उस समय उपलब्ध ज्यादातर प्रमाण जो आर्यों के कहीं और से आने का समर्थन करते थे, उन सब पर इसमें चर्चा की गई है | हड़प्पा के काल से हिन्दू धर्म का विकास कैसे हुआ उसपर भी थोड़ी चर्चा है, साथ ही हिन्दुओं, बौद्धों और जैन धर्मों का एक दुसरे पर क्या प्रभाव रहा उस पर भी इसमें चर्चा की गई है |

प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुटे कई छात्र इस से पढ़ते हैं | अगर इतिहास पर लिखी गई अच्छी किताबों में रूचि हो तो इसे देखिये | ये किताब निष्पक्ष दृष्टिकोण से लिखी गई थी | यहाँ ऐसा नहीं है कि किन्ही कमियों या बुराइयों की चर्चा नहीं की गई | बुराइयों की बात हुई है, मगर उनके महिमामंडन में कभी भी अच्छी चीज़ों को ढका नहीं गया है | भारत में ऐतिहासिक रूप से क्या अच्छी व्यवस्थाएं थी उनपर नजर डालने के लिए ये एक अच्छी किताब है |

ये प्राचीन इतिहास है, पिछले हज़ार साल की घटनाओं पर इसमें बात नहीं हुई | अगर आप ये जानना चाहते हैं कि इस्लामिक हमलावर जिस देश में पहुंचे थे वो कौन सा और कैसा देश था ? तो एक बार आपको इसे पढ़ना चाहिए |

SHARE
Previous articleदंगे : आत्म-रक्षा
Next articleकोहबर की शर्त
आनंद मार्केट रिसर्च में काम करते हैं, और शब्दों में रूचि रखते हैं। किताबों के अपने शौक में वो खूब सारी किताबें पढ़ते हैं। लोगों से बातचीत, समाजशास्त्र, पौराणिक कथाओं, इतिहास से वो अक्सर रोचक कहानियां ढूंढ लाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here