Part 1 | Part 2

अपने कंटेंट को फेसबुक अल्गोरिथम के अनुकूल कैसे बनाते हैं ?

मार्केटिंग- मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले लोग ही नहीं, आम लोग भी चाहते हैं कि उनकी फेसबुक पोस्ट ज्यादा से ज्यादा लोग देखें। उन्हें ज्यादा पढ़ा जाए, वो ज्यादा प्रसिद्ध हों। इस वजह से सिर्फ मार्केटिंग और मीडिया वालों के लिए ही नहीं सबके लिए फेसबुक अल्गोरिथम की ये मोटे तौर की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। जब सब कुछ ना कुछ व्यक्त कर रहे हों, तो आपकी अभिव्यक्ति पर ज्यादा लोगों का ध्यान कैसे जाए इसके लिए आपके पोस्ट को फेसबुक अल्गोरिथम के अनुकूल होना होगा। आप जिस पाठक, श्रोता या दर्शकों के वर्ग तक अपनी बात पहुँचाना चाहते हैं उनके लिए आपकी बात महत्वपूर्ण होनी चाहिए। ध्यान रखिये कि अट्ठारह की उम्र के लोगों को जो पसंद आएगा, वो पचपन के लोगों को पसंद नहीं होगा। आपको अपना वर्ग तय करना होगा और जैसे जैसे इस वर्ग के लिए आपके पोस्ट का महत्व बढ़ता है, वैसे वैसे आपकी फेसबुक पर प्रसिद्धी भी बढ़ेगी।

 

जैसे एक तरीका तो ये होता है कि आप कुछ विडियो पोस्ट करें। एक लम्बी सी पोस्ट पढ़ने में जहाँ लोगों को दो ढाई मिनट लगेंगे, वहीँ पांच मिनट के विडियो में वो ज्यादा समय आपकी वाल पर होगा। इस तरह आपकी वाल पर गुजरा औसत समय बढ़ जाता है। दोबारा लिखे हुए को पढ़ने पर आपकी गलतियाँ कम होंगी, जो लिंक दिए हैं वो सही और काम के होंगे। ज्यादा से ज्यादा लोग अगर लाइक, लव जैसी प्रतिक्रिया देते हैं तो भी आपकी रेटिंग बढती है। लाइक की तुलना में लव, लाफ जैसे रिएक्शन की रेटिंग ज्यादा होगी। अगर आपकी पोस्ट अक्सर अश्लीलता के लिए रिपोर्ट की जा रही है तो आपकी सभी पोस्ट की, सीधा प्रोफाइल की ही रेटिंग कम हो जाती है। ऐसे में आपकी पोस्ट कम लोगों को दिखेगी। ऐसी पोस्ट जिसे ज्यादा शेयर किया जा रहा है वो ज्यादा लोगों को दिखेगी, मतलब पचास के लगभग शेयर हों, तो पोस्ट कम से कम पांच हज़ार लोगों को नजर आने लगेगी।

 

जितनी जल्दी शेयर हो रही है उस से भी रैंकिंग बढती है, जैसे घंटे भर में पचास शेयर होने वाली पोस्ट की रैंकिंग, दो दिन में पचास शेयर वाली पोस्ट से ज्यादा होगी। अगर आपकी पोस्ट में कोई ऐसी जानकारी है जिसे ज्यादा लोग शेयर करना चाहेंगे तो वो ज्यादा चलेगी। जैसे किसी परीक्षा के रिजल्ट की लिंक तेजी से फैला सकते हैं, कभी कभी किसी मैच का स्कोर कई लोग देखना चाहेंगे, चुनावी नतीजों पर बात की जा सकती है। रेसिपी, कोई हेंडीक्राफ्ट या घरेलु नुस्खे कई महिलाएं शेयर करेंगी इसकी संभावना ज्यादा होती है। इनका ख़याल रखकर आप अपनी पोस्ट की रैंकिंग ऊपर कर सकते हैं। इस सिलसिले में एक और चीज़ होती है समय और नियमित होना। जैसे अगर आप हर सुबह एक लेख नौ बजे के लगभग पोस्ट करें और कोई हर रोज़ पोस्ट तो करे, मगर अलग अलग समय पर, तो नियमित समय वाली पोस्ट की रैंकिंग उपर होगी। अगर लगातार एक ही क्षेत्र के, एक ही लिंग के (महिला/पुरुष), एक ही उम्र सीमा के लोग आपकी पोस्ट पर आ रहे हैं तो उस उम्र सीमा, या क्षेत्र के ज्यादा लोगों को आपकी पोस्ट दिखने लगेगी।

 

क्या नहीं करना ?

सबसे पहले तो आप ये समझ लीजिये कि जहाँ आप अकेले हैं, वहां फेसबुक पूरी एक कंपनी है। एक व्यक्ति अकेला सौ दो सौ इंजिनियर, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर, एनालिस्ट और डिज़ाइनर्स की टीम से नहीं निपट सकता। तो चतुराई दिखाने का प्रयास ज्यादातर नाकाम भी होगा और ब्लैकलिस्ट भी। इसलिए ध्यान रखिये :

  • धोखा देने वाली चीज़ें पोस्ट मत कीजिये। (ऐसे लिंक जो वायरस, स्पैम फैलाते हों, किसी तरह डाटा चुराने का प्रयास करते हों, उनसे दूर रहिये।)
  • फेसबुक पर प्रोफाइल बनाते वक्त ही आपने कुछ टर्म्स एंड कंडीशन पर हामी भर दी है। उस वक्त शायद उसे नहीं देखा होगा, अब एक बार उन शर्तों को पढ़ लीजिये।

और अंत में

ये फेसबुक के अल्गोरिथम का थ्योरी वाला हिस्सा है। इसके साथ ही कई चीज़ें हैं जो आपको अभ्यास से धीरे धीरे समझनी होंगी। यहाँ सबसे जरूरी चीज़ ये समझना भी है कि ऐसे विषयों पर हिंदी में नहीं लिखा जाता। (मेरे अलावा शायद ही किसी ने लिखा हो।) इसलिए आपको कई चीज़ें अंग्रेजी में पढ़कर सीखनी होंगी। समय बीतने के साथ सोशल मीडिया एक नए संवाद के माध्यम की तरह उभरा है। ये यहीं रहने वाला है, किसी ना किसी बदलते स्वरुप में ये अब होगा ही, समाप्त नहीं होगा। जैसे संवाद के माध्यम की तरह लिखना, बोलना और पढ़ना सीखा जाता है वैसे ही इसे भी पढ़कर आज नहीं तो कल सीखना होगा। समय के साथ बदलते रहिये, कोई और चाहे ना भी सिखाये तो खुद ही सीखते रहिये।

Continued from Part 1

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