Anand Kumar

  • तो पहला किस्सा है एक संत का। ये कई नामी गिरामी संत / महात्मा / विख्यात व्यक्तित्वों , के साथ जोड़ा जाता है। आखरी बार महात्मा गाँधी के नाम से जुड़ा पढ़ा था हमने। इसमें होता क्या है कि संत के पास एक औरत अपने बेटे के सा […]

  • शायद आपको संगीत पसंद होगा । ज्यादातर जिन लोगों को संगीत पसंद होता है उन्हें गाने भी पसंद होते हैं, हिंदी फिल्मों के रोज़मर्रा वाले । कभी-कभी हम सोचते हैं कि ऐसे गाने क्यों पसंद आते हैं ? इतने अजीब से होते हैं फि […]

  • कई बार जब गीत संगीत की बात होती है तो कुछ पुराने दौर के लोग कहने लगते हैं कि गाने तो हमारे ज़माने में बनते थे ! आजकल के गानों के भी कोई लिरिक्स हैं ? बकवास होता है सब | अब अच्छा और बुरा तो वैसे हर दौर में बनता ही […]

  • क्या हुआ ? अजीब सा शब्द लग रहा है ! वो इसलिए क्योंकि आपको आपकी नायिकाओं के नाम किसी ने बताये ही नहीं है। काफी साल पहले (सन 1779 में) चित्रदुर्ग पर मदकरी नायक का शासन था। उनके किले को हमला कर रहे हैदर अली की फौ […]

  • अपने आस पास मौजूद हथियारों की जानकारी होती तो क्या डॉक्टर नारंग की पत्नी उनकी मदद कर पाती ? आपको पता है अपने आस पास मौज़ूद हथियारों के बारे में ? ऐसे हथियार जो ना मेटल डिटेक्टर टेस्ट में रोके जा सकते हैं ना उन्हें […]

  • भौतिकी यानि फिजिक्स का इस्तेमाल कई जगहों पर होता है। ज्यादातर लोग इसे सीखने-सिखाने के आसान तरीके भूल जाते हैं और न्युमेरिकल्स (मैथ्स) से भरा कोई बोरिंग और कठिन विषय मान लेते हैं। बच्च […]

  • भगवद्गीता अगर आज पढ़ने-सीखने बैठें तो एक समस्या ये भी आती है कि पुराने दौर जैसा आज गुरु नहीं होते। इसकी वजह से ज्यादातर जिज्ञासु एक बार में उसे पूरा किसी किताब की तरह पढ़ने की कोशिश करेंगे, जबकि गुरु ऐसे नहीं सि […]

  • हिन्दू धर्म और इस्लाम मजहब में तमाम भिन्नताओं सहित एक प्रमुख अंतर है। वह ये है कि हिन्दू धर्म में कई रास्ते बताये गए हैं जो अंततः एक जगह जाकर मिलते हैं जबकि इस्लाम में बताये गए अलग-अलग रास्ते कई अलग मंज़िलों तक प […]

  • इर्ष्यावश पड़ोसी कोस सकता है, ताने मारने के लिए सास, चुगली करने के इरादे से सहकर्मी कोसते हैं, किन्तु जो निस्वार्थ भाव से अकारण ही कोसे वो लेखक का व्यंग ही होगा। किताब के बारे में ये जानकारी पहले ही पन्ने पर थी और […]

  • Anand Kumar wrote a new post, The Om Mala 4 weeks ago

    दैनिक पूजा पाठ तथा अनुष्ठान में सर्वाधिक महत्व किसी शब्द का है तो वह है “ॐ”। भगवान् शिव को समर्पित षडाक्षर मन्त्र ॐ नमः शिवाय का प्रथम अक्षर ॐ है। ॐ प्रणव है, त्रिविध तापों (आधिभौतिक, आधिदैविक, आध्यात्मिक) का नाश […]

  • नैरेटिव बिल्डिंग (Narrative Building) को हिंदी में आप कथानक गढ़ना कह सकते हैं, लेकिन भाव में बहुत फर्क आ जाता है। ये कुछ कुछ हिंदी के ‘जूठन’ को अंग्रेजी में ‘Leftovers’ कहने जैसा होगा। लेफ्टओवर से ये तो प […]

  • हिंदी में हम जिसे रक्तपिपासु, या खून का प्यासा कहते हैं, उसके लिए अंग्रेजी में ड्रेकुला कहना बिलकुल चल जाएगा। ड्रेकुला, एक साहित्यकार ब्रेम स्टोकर (Bram Stoker) की परिकल्पना थी जिसे उसने एक सचमुच के राज […]

  • महाभारत में दर्जनों पात्र हैं, उनके माध्यम से सैकड़ों शिक्षाप्रद कहानियां सुनाई गई हैं। इनका पता न होने के कारण कई बार छुआछुत की बात भी इनके ही बहाने से थोपने की कोशिश की जाती है। क्या सही था और क्या गलत वो महाभ […]

  • ब्राह्मण की अरिणी लेकर भाग निकले हिरण का पीछा करते पांडव वन में दूर निकल आये थे। प्यास से वो जब बेहाल होने लगे तो भाइयों ने इधर उधर नज़र दौड़ाई। पक्षियों से एक जलाशय का अंदाजा मिला तो बाकी भाई विश्राम के लिए बै […]

  • किताबों पर बीसियों पोस्ट डालते डालते मेरा ध्यान गया कि एक किताब The Invisible Man भी होती है। ये सी.बी.एस.सी. की बारहवीं क्लास में सिलेबस में होती है। आम तौर पर मैथ्स, फिजिक्स जैसे सब्जेक्ट बिहार में बच्चो […]

  • आज से ठीक दो वर्ष पूर्व 27 जुलाई 2015 के दिन शाम 6.30 बजे के आसपास वे आईआईएम शिलॉंग में व्याख्यान देते हुए अकस्मात गिरे और शरीर छोड़ कर उठ गए। न कोई रोग, न व्याधि, उनके शरीर ने कुछ नहीं भोगा, बस गिरे और उ […]

  • 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस होता है। वह एक सीमित युद्ध था जिस पर बहुत सारी बातें की जाती हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री आ० अटलजी को कोसा जाता है, इंटेलिजेंस एजेंसियों की नाकामी बताई जाती है और असंख्य बलिदानी शूरवी […]

  • प्रोफेसर उडुपी रामचंद्र राव अब हमारे बीच नहीं रहे और मेरे जैसों के लिए छोड़ गए इसरो के इतिहास पर लिखी अपनी अनमोल कृति: “India’s Rise as Space Power”. इस पुस्तक में इसरो का स्वर्णिम इतिहास दर्ज है। भारत […]

  • हमारे पैदा होने से कुछ दशक पहले प्रोफेसर यशपाल ने (१९५८ में) पी.एच.डी. की थी। उस दौर में वो टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई में नौकरी किया करते थे। जब हमने पहली बार उन्हें टी.वी. पर देखा तो वो अपनी […]

  • कभी कभी लोग ये शिकायत करते हैं कि भारत के सही इतिहास पर काम ही नहीं हुआ | आम तौर पर इस सवाल के जवाब में हम कहते हैं कि भारतीय लोगों ने काम कम किया है, लेकिन नहीं हुआ ऐसा नहीं है | कई बार जब किताबें लिखी गई, […]

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