26 जुलाई को करगिल विजय दिवस होता है। वह एक सीमित युद्ध था जिस पर बहुत सारी बातें की जाती हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री आ० अटलजी को कोसा जाता है, इंटेलिजेंस एजेंसियों की नाकामी बताई जाती है और असंख्य बलिदानी शूरवीरों की गाथाएँ सुनाई जाती हैं। आधुनिक युद्ध की टेक्निकल शब्दावली में करगिल को Asymmetric (Local) Confilct कहा जाता है अर्थात् ऐसी लड़ाई जो पूर्ण परम्परागत युद्ध नहीं थी और जिसमें एक तरफ की सेना को (ऊँचाई पर होने का) एडवांटेज प्राप्त था। आज के युग में हम लोग अपने निष्कर्ष और धारणाएँ कही सुनी बातों पर बनाने के आदि हो चुके हैं। इसलिए मेरे विचार से करगिल युद्ध पर सबसे प्रामाणिक दस्तावेज यह पुस्तक है जो उस समय भारत के सेनापति और थलसेनाध्यक्ष जनरल वेद प्रकाश मलिक ने लिखी है।

 

जनरल मलिक हमें बताते हैं कि किस प्रकार नवाज़ शरीफ का यह कहना झूठ था कि मुशर्रफ ने करगिल पर चढ़ाई करने की बात उससे छुपा कर रखी थी। भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों की रिपोर्ट का विश्लेषण उच्च स्तर पर ठीक तरीके से नहीं किया गया था जिसकी परिणति करगिल युद्ध के रूप में हुई। जनरल मलिक हमें उस समय की पाकिस्तानी जनरलों की मानसिकता और राजनीतिक उठापटक से भी अवगत कराते हैं। करगिल युद्ध के समय पाकिस्तानी सेना ने यह प्रोपेगैंडा फैलाया था कि नियंत्रण रेखा की स्थिति स्पष्ट नहीं है इसलिए हो सकता है कि पाकिस्तान की फ़ौज उस पार चली गयी हो। भारतीय सेना ने जीपीएस से पता लगा कर यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तानी फ़ौज गलती से नहीं बल्कि जानबूझकर इस पार आई थी।

 

इस पुस्तक में और बहुत कुछ है जो आपकी आँखें खोल देगा और करगिल युद्ध का तार्किक विश्लेषण करने को बाध्य करेगा। यह पुस्तक युद्ध पर आधारित मेरे समय की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से एक है। करगिल का नाम सुनकर आज भी मेरा खून खौल उठता है और आँखें नम हो जाती हैं। परन्तु जनरल मलिक की यह पुस्तक Kargil From Surprise to Victory मस्तिष्क को इस उत्तेजना से बाहर निकाल कर इक्कीसवीं शताब्दी के भारत में सैन्य रणनीतिक चिंतन को एक नई दिशा प्रदान करती है। इस युद्ध के उपरांत करगिल रिव्यु कमेटी बनी थी और सेना के लिए विशेष रूप से इंटेलिजेंस जुटाने हेतु Defence Intelligence Agency (D.I.A.) का गठन किया गया था।

जनरल मलिक की इस पुस्तक (Kargil:From Surprise to Victory) का हिंदी अनुवाद राजपाल प्रकाशन ने छापा है। जय हिन्द जय हिन्द की सेना।

English Edition :

हिंदी अनुवाद :

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