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ज़ात ना पूछो साधू की

लोककथाएं तथाकथित बुद्धूजीवियों के हिसाब से तो चलती नहीं, इसलिए एक लीक पर भी नहीं होती। बिहार की लोककथाओं को सुनें तो ऐसी पचास...

सुधारों की कोई बात होगी क्या?

नार्थ कैरोलिना की एक छात्रा जेनिफ़र थोमसन के साथ 1984 में छुरे की नोक पर बलात्कार हुआ था। गिरफ्तारियां हुई और कतार में खड़ा...

शिकार का सबसे बड़ा कसूर तो उसका मेमना होना है!

अगर वो बाघ बहादुर से कहेगा कि पानी तो उसकी तरफ से बहकर बकरे की तरफ आ रहा है तो कहा जाएगा कि तूने...

भारत : 1860 के धार्मिक कानून

लोकतान्त्रिक व्यवस्था में सरकारें आम लोगों के प्रतिनिधि बनाते हैं | जैसे आम लोग होंगे, बिलकुल वैसे ही उनके चुने हुए प्रतिनिधि भी होंगे...

नैरेटिव बिल्डिंग : झूठ कैसे बनते हैं ?

नैरेटिव बिल्डिंग (Narrative Building) को हिंदी में आप कथानक गढ़ना कह सकते हैं, लेकिन भाव में बहुत फर्क आ जाता है। ये कुछ कुछ...

डॉ. सुभाष मुखर्जी याद हैं कॉमरेड ?

आलोचकों के हिसाब से “एक डॉक्टर की मौत” अच्छी फिल्म थी। अब जो आलोचकों के हिसाब से अच्छी थी वो तो जाहिर है आम...

हमारा पैर तो टांग और आपके पांव चरण !

स्कूल के बाहर खड़ी भीड़ बिलकुल खून की प्यासी हो रही थी। घबराये हुए स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक अन्दर बंद थे। मामला...

गौ हत्या का अर्थशास्त्र

पानी के जहाज पर एक log बुक रखते हैं जिसमे हर रोज़ entry होती है | किसने क्या किया, क्या गलती हुई, कैसे बर्ताव...
अरुंधती रॉय

रवैया : जो गैरजरूरी भी था, गैरजिम्मेदार भी

उनके पिता ब्रह्मसमाजी थे जिनसे उनकी मुलाकात व्यस्क होने के बाद ही हो पाई। कम्युनिस्ट शासित केरल के एक छोटे से गाँव आयेमेनम में...

बाढ़ राहत 1

हो सकता है आपने पायड पाइपर ऑफ़ हमेलिन की कहानी सुनी हो। सत्रहवीं शताब्दी के अंत की किन्ही जर्मन कथाओं में इस कहानी के...

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