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Random Musings

तुम्हें याद हो कि ना याद हो ….

तुम्हें याद हो कि ना याद हो .... उस ट्रेन का नाम साबरमती एक्सप्रेस था... 27 फ़रवरी 2002 को ये ट्रेन जब 7:43 में गोधरा...

आज नहीं जानेमन, बस आज नहीं !

तो पहला किस्सा है एक संत का। ये कई नामी गिरामी संत / महात्मा / विख्यात व्यक्तित्वों , के साथ जोड़ा जाता है। आखरी...

सतरंगी रे…

कई बार जब गीत संगीत की बात होती है तो कुछ पुराने दौर के लोग कहने लगते हैं कि गाने तो हमारे ज़माने में...

तार हथियार

अपने आस पास मौजूद हथियारों की जानकारी होती तो क्या डॉक्टर नारंग की पत्नी उनकी मदद कर पाती ? आपको पता है अपने आस...

बाहुबली : शतघ्नी

भौतिकी यानि फिजिक्स का इस्तेमाल कई जगहों पर होता है। ज्यादातर लोग इसे सीखने-सिखाने के आसान तरीके भूल जाते हैं और न्युमेरिकल्स (मैथ्स) से...

नैरेटिव बिल्डिंग : झूठ कैसे बनते हैं ?

नैरेटिव बिल्डिंग (Narrative Building) को हिंदी में आप कथानक गढ़ना कह सकते हैं, लेकिन भाव में बहुत फर्क आ जाता है। ये कुछ कुछ...

गोवा इन्क़ुइजीशन के ड्रेकुला

हिंदी में हम जिसे रक्तपिपासु, या खून का प्यासा कहते हैं, उसके लिए अंग्रेजी में ड्रेकुला कहना बिलकुल चल जाएगा। ड्रेकुला, एक साहित्यकार ब्रेम...

जी.एस.टी. और यक्ष

ब्राह्मण की अरिणी लेकर भाग निकले हिरण का पीछा करते पांडव वन में दूर निकल आये थे। प्यास से वो जब बेहाल होने लगे...

प्रोफेसर यशपाल

हमारे पैदा होने से कुछ दशक पहले प्रोफेसर यशपाल ने (१९५८ में) पी.एच.डी. की थी। उस दौर में वो टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च,...

सॉफ्ट पॉवर और जातिवाद

जैसे ही शकुनी का नाम लिया जाता है वैसे ही पुराने वाले महाभारत का गूफी पेंटल याद आ जाता है। एक आँख जरा सिकुड़ी...

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