Home Random Musings on Bhagwad Gita

Random Musings on Bhagwad Gita

दुसरे अध्याय का इकहत्तरवां श्लोक

भगवद्गीता अगर आज पढ़ने-सीखने बैठें तो एक समस्या ये भी आती है कि पुराने दौर जैसा आज गुरु नहीं होते। इसकी वजह से ज्यादातर...

आरम्भ 21

कई साल पहले की बात है भारत के छोटे से गाँव में एक किसान था। किसानों की हालत आज भी अच्छी नहीं होती, पुराने...

आरम्भ 20

इधर उधर से पढ़े किस्सों में से एक था बूढ़े दादा उसके पोते और कोयले की टोकरी की कहानी | कहानी कुछ यूँ थी...

आरम्भ 19

हरियाने वाले ताऊ को तो आप जानते ही हैं | अक्सर खटिया सड़क के बगल में अपनी दलान में डाल के बैठते और हुक्का...

आरम्भ 18

कहते हैं हर अनुभव कुछ ना कुछ सिखा कर जाता है। अनुभव अच्छे हों, या बुरे, सीख लेने की कोशिश करनी चाहिए। पिछले साल...

आरम्भ 17

व्यापार, नौकरी या यूँ कहिये कि जीवन के क्षेत्र में सफलता के लिए बुद्धि / ज्ञान चाहिए। लेकिन 1960 के दौर में अचानक मनोवैज्ञानिकों...

आरम्भ 16

आज देव दिवाली है, कार्तिक पूर्णिमा भी और बाकी सभी हिन्दुओं के पर्व की तरह इस से भी एक कहानी जुडी है। ये कहानी...

आरम्भ 15

प्लुटार्च नाम के प्रसिद्ध विद्वान् हुए हैं। उन्होंने थिसियस के जहाज का एक विख्यात सवाल उठाया था। कई जगह द्वन्द की पढ़ाई करते समय...

आरम्भ 14

कई साल पहले, यूँ कहिये कि सदियों पहले की बात है। एक बार एक कानून के शिक्षक के पास एक ऐसा छात्र आया जो...

आरम्भ 13

अफ़्रीकी-अमरीकी मूल के एक लड़के माइकल जॉर्डन का जन्म सन 1963 में ब्रूकलिन, न्यू यॉर्क की झोपड़पट्टी में हुआ था। उनके चार भाई थे,...

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