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Book Reviews

कोहबर की शर्त

“ये कोहबर का द्वार है पहुना, इसे ऐसे नहीं लांघने पाओगे ! यहाँ दुआर पढ़ना पड़ता है |” ये संवाद ‘कोहबर की शर्त’ नाम...

Wonder That Was India : A. L. Basham

इतिहास कई चीज़ों को मिला कर बनता है | ये एक सभ्यता की कहानी होती है, उसके धर्म, उसकी सत्ता, उसके दर्शन से लेकर...

आज भी खरे हैं तालाब

पुराने ज़माने की बात है | कुडन, बुडन, सरमन और कौराई चार भाई थे | जैसा कि आम तौर पर उस ज़माने में होता...

केन फोल्लेट: जैकडाव्ज

करीब बीस साल पहले हम कुछ रोबिन कुक के, कुछ गॉडफादर जैसे, कुछ हर्रोल्ड रोब्बिन्स के उपन्यास पढ़ चुके थे तो केन फोल्लेट का...

आयरन कर्टेन : ऐनी अपप्लेबौम

सन्दर्भ के बिना की बात चली ही है तो सन्दर्भ का इतिहास में महत्व भी देखा जाना चाहिए | भारत की आजादी के वक्त,...

भगवानदास मोरवाल की “हलाला”

हो सकता है “काशी का अस्सी” पढने वालों ने भी यही सवाल सोचा हो | भाषा की शुचिता, या इलाके की मिटटी की खुशबु...

वामपंथ का काला इतिहास

दुनियां के जघन्यतम अपराध क्रांतियों की आड़ लेकर हुए हैं | विश्व युद्धों की जड़ में कहीं ना कहीं क्रांति की आड़ में छुपे...

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