मुंशी प्रेमचंद की कहानी है “बड़े घर की बेटी” | पुराने ज़माने की कहानी है जिसमे दो भाई हैं एक परिवार में साथ साथ रहते हैं.. जैसा की अक्सर होता है सो बड़ा भाई जरा जिम्मेदार और छोटा थोड़ा लंठ टाइप है इस कहानी में भी… एक दिन किसी बात पे देवर जी भाभी के मायके वालों को कुछ कह बैठे और हो गई महाभारत… घर टूटने की नौबत आ गई जनाब !! वो तो बड़े घर की बेटी थी.. की बड़े परिवार देख रखे थे उन्होंने.. समझती थी वो रिश्तों की अहमियत.. ऐसे ही थोड़ी मुंशी प्रेमचंद की कहानी की नायिका थी..
मगर छोटी सी कहानी में मुंशी जी समझा गए — आप चाहे सौ जूते मार ले किसी लड़की को, लाख सितम कर लें.. मगर उसके मायके की तरफ ऊँगली भी उठाई तो आपकी खैर नहीं..

ये साले संघी मगर बड़े उज्जड हैं.. काला अक्षर भैंस बराबर !!! कभी नाम भी न सुना होगा इस कहानी का.. बताईये इटालियन कंपनी को ban कर डाला है रक्षा मंत्रालय ने !! और तो और “दुल्हन ही दहेज़ है” वाली कहावत भी नहीं सुनी… 4 हेलीकाप्टर भी दबा के बैठ गए.. पापियों जनता सब देख रही है… मायके पर लांछन लगाने वालों… जनता माफ़ नहीं करेगी (और बहुरानी तो बिलकुल भी नहीं करेगी.. माफ़!!!)
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आनंद मार्केट रिसर्च में काम करते हैं, और शब्दों में रूचि रखते हैं। किताबों के अपने शौक में वो खूब सारी किताबें पढ़ते हैं। लोगों से बातचीत, समाजशास्त्र, पौराणिक कथाओं, इतिहास से वो अक्सर रोचक कहानियां ढूंढ लाते हैं।

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